युद्ध का डर भारी: विदेश यात्राएं ठप, फ्लाइट्स खाली… ट्रैवल सेक्टर को 25 करोड़ का नुकसान

अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध की तपिश से छत्तीसगढ़ का ट्रैवल्स कारोबार भी खासा प्रभावित हुआ है। 


रायपुर। 
अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध की तपिश से छत्तीसगढ़ का ट्रैवल्स कारोबार भी खासा प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ से दूर देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई सफर से मुंह फेर लिया है। समर शेड्यूल में मिडिल ईस्ट के देशों की यात्रा करने वाले सौ फीसदी तथा यूरोपीय देशों में जाने वाले पचास फीसदी यात्रियों ने यात्रा से तौबा की है। अनुमान के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने से जारी युद्ध की वजह से 25 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्रैवल्स कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ से काफी संख्या में यात्री दूसरे देशों की यात्रा करते हैं। खासकर गर्मी की छुट्टियों में घूमने-फिरने जाने वालों की वजह से इंटरनेशनल स्तर के यात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाती है। छुट्टियां शुरू होने से पहले ज्यादातर पैकेज के हिसाब से अपने टिकट बुक कराते हैं। इस बार युद्ध की आंच से इंटरनेशल टूर पैकेज की बुकिंग बंद जैसी हो गई है।

इतना ही नहीं, जिन्होंने काफी समय पहले अपना टिकट बुक कराया था, वे भी सुरक्षागत कारणों को ध्यान रखते हुए अपनी टिकट कैंसिल करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के काफी लोग जॉब सहित अन्य वजहों से विभिन्न देशों में निवास करते है। समय-समय पर उनका और परिवार का आना-जाना लगा रहता है, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ से काफी संख्या में इंटरनेशनल टिकट बुक होते हैं। अब युद्ध की वजह इन परिवारों ने भी अपनी यात्रा स्थगित कर रखी है। गर्मी के सीजन में छुट्टियां बिताने के लिए यूरोपीय देशों की ओर जाने वाली फ्लाइट का रूट में दुबई, दोहा, इस्ताम्बुल जैसे देशों से होकर गुजरता है। सुरक्षा के लिहाज से इन फ्लाइट में सफर करने से यात्री परहेज कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट के कई देश युद्ध में शामिल हैं, इसलिए वहां की यात्रा से तौबा ही कर ली गई है। इसका सीधा असर इंटरनेशल फ्लाइट का संचालन करने वाली विमानन कंपनियों के साथ एयर टिकट बुक करने वाले ट्रैवल्स कारोबारियों के कारोबार पर हुआ है।

घरेलू पर्यटन को बढ़ावा
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बाधित होने की वजह से इस बार गर्मी के छुट्टियों में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लंबे सफर में नहीं जा पाने वाले परिवार छुट्टियों में अपने सैर-सपाटे के लिए गोवा, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे ठंडे क्षेत्रों को शामिल कर सकते हैं। कारोबारियों का कहना है कि इस बार देश के भीतर के ठंडे राज्यों के लिए आने वाले दिनों में टिकट बुकिंग होने की संभावना अधिक है।

इंटरनेशनल फ्लाइट नहीं
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की योजना अभी कार्यरूप में नहीं आ पाई है। यहां के यात्रियों को दूसरे देश की यात्रा करने के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद जैसे शहरों के एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। रायपुर से बैंकाक और सिंगापुर के लिए फ्लाइट शुरू कराने की घोषणा की गई थी, मगर किसी विमानन कंपनी द्वारा इसकी स्वीकृति नहीं दी गई है।

टिकट कैंसिल, पूरा रिफंड भी
संरक्षक ट्रैवल्स एसोसिएशन व्यास हॉलीडेज संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि, युद्ध की वजह से इंटरनेशनल फ्लाइट में सफर करने वाले यात्रियों की सख्या घटी है। गर्मी के दिनों में काफी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने विदेश जाते है। टिकट बुकिंग प्रभावित होने के साथ कैंसिलेशन भी हो रहा है। विमानन कंपनियां इसके लिए पूरा रिफड दे रही है।

नई बुकिंग कम, कैंसिल भी हो रही
पूर्व चेयरमैन टाफी संचालक अजय ट्रैवल्स रमन जादवानी ने बताया कि, सामान्य दिनों में दूसरे देशों के टिकट की बुकिंग काफी संख्या में होती रही है। अभी इनकी संख्या काफी कम हो चुकी है, युद्ध के कारण लोग टिकट भी कैंसिल करा रहे है। छुट्टियों में राज्य के भीतर ठंडे प्रदेशों के पर्यटन स्थलों को इस बार बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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